⚔️ Haldighati.com
  • होम
  • महाराणा प्रताप
  • हल्दीघाटी का युद्ध
  • दर्शनीय स्थल व संपर्क
हल्दीघाटी युद्ध 1576

हल्दीघाटी में आपका स्वागत है

राजसमंद जिले का गौरव

उदयपुर से 44 किमी | नाथद्वारा से 16 किमी

इतिहास जानें
महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप

वीर शिरोमणि

गुरिल्ला युद्ध के जनक

वीरगाथा पढ़ें
चेतक समाधि

चेतक: अमर बलिदान

वफादारी की मिसाल

बलिचा गाँव में समाधि

युद्ध की कहानी
रक्ततलाई

रक्ततलाई

खून की नदी बही थी

खमनोर गांव का युद्धस्थल

दर्शन करें

🚩 मेवाड़ी महामंत्र 🚩

"मेवाड़ी महामंत्र है सब ग्रंथन को सार
जो दृढ़ राखे धर्म को तिही राखे करतार।"

हल्दीघाटी: परिचय

राजसमंद जिले का गौरव, हल्दीघाटी महाराणा प्रताप के वीरतापूर्ण रण कौशल के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उदयपुर से 44 किलोमीटर और नाथद्वारा से 16 किलोमीटर दूर अरावली पर्वतमाला के मध्य में स्थित यह संकरा हल्दी रंग का पहाड़ी क्षेत्र, जिसने मेवाड़ वंश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, हल्दीघाटी के नाम से जाना जाता है।

हल्दीघाटी अपने चैत्री गुलाब उत्पादों और मोलेला की मृण कलाकृतियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ की मिट्टी का रंग हल्दी जैसा पीला होने के कारण इसका नाम हल्दीघाटी पड़ा।

महाराणा प्रताप जानें युद्ध की गाथा पढ़ें

⚔️ Haldighati.com ⚔️

20 साल से प्रमाणित इतिहास | 2006 से ऑनलाइन

होम महाराणा प्रताप युद्ध दर्शनीय स्थल व संपर्क

स्थान: खमनोर, राजसमंद, राजस्थान 313333 | संपर्क: +91-9413026791

© 2026 Haldighati.com | जय महाराणा प्रताप | जय मेवाड़